वन विभाग की तत्परता से टली बड़ी वन क्षति जशपुर वन मंडल में दो स्थानों पर लगी आग पर रातों-रात पाया गया नियंत्रण वनाग्नि की सूचना देने संपर्क नंबर जारी
(चंद्रभान यादव) जशपुर वन मंडल अंतर्गत दो अलग-अलग स्थानों पर लगी वनाग्नि को वन विभाग की त्वरित कार्यवाही से समय रहते नियंत्रित कर लिया गया है। इसके फलस्वरूप बड़ी वन क्षति होने से बचाव हो गया है। यह कार्यवाही डीएफओ जशपुर के निर्देशन में की गई। वनमंडलाधिकारी जशपुर श्री शशिकुमार ने बताया कि 14 मार्च 2026 की रात्रि में दुलदुला वन परिक्षेत्र के रानीबंध क्षेत्र तथा बगीचा वन परिक्षेत्र के अहिनमाड़ा जंगल में आग लगने की सूचना दूरभाष के माध्यम से वन विभाग को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल सक्रिय हो गया और मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण के लिए कार्यवाही प्रारंभ की गई।
दुलदुला वन परिक्षेत्र अंतर्गत रानीबंध क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिलते ही परिक्षेत्र के वन अमले ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रात्रि में ही त्वरित प्रयास करते हुए आग पर सफलतापूर्वक नियंत्रण प्राप्त कर लिया। इसी प्रकार बगीचा वन परिक्षेत्र के अहिनमाड़ा जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्राधिकारी बगीचा सुश्री यशस्वी मौर्य, प्रशिक्षु भा.व.से. स्वयं वन अमले के साथ मौके पर पहुंचीं। लगातार प्रयास करते हुए रात्रि लगभग 12 बजे तक आग को आसपास के वनों में फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया।
वन विभाग की तत्परता और समन्वित प्रयासों के कारण दोनों स्थानों पर आग को शीघ्र नियंत्रित कर लिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की बड़ी वन क्षति नहीं हुई। विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और गश्त की जा रही है, ताकि आग की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। वन विभाग द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को भी वनों में आग लगने से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जा रहा है तथा उनसे वन संरक्षण में सक्रिय सहयोग करने की अपील की गई है। विभाग ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे वनों में आग न लगाएं तथा कहीं भी आग लगने की घटना दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें, जिससे समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सके।