*शिवरीनारायण महोत्सव में स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन*

*भूपेन्द्र यादव दैनिक अमरकंटक भूमि*
*सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों के नृत्य पर झूम उठे दर्शक, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान नर-नारायण के किए दर्शन*
जांजगीर चांपा — छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं पर्यटन नगरी शिवरीनारायण प्राचीन काल से ही अपनी धार्मिक महत्ता, व्यापारिक गतिविधियों और सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध रही है। जांजगीर-चांपा जिले में महानदी के पावन तट पर स्थित यह नगर भगवान नर-नारायण की नगरी और माता शबरी की पावन धरा के रूप में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ में भी शिवरीनारायण का विशेष स्थान है। इन दिनों नवरात्रि महोत्सव के चलते नगर में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना हुआ है। इसी धार्मिक माहौल के बीच नगर पंचायत शिवरीनारायण के तत्वावधान में आयोजित शिवरीनारायण महोत्सव ने नगरवासियों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शिवरीनारायण पहुंचे। उन्होंने भगवान नर-नारायण के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। नगर में आयोजित इस महोत्सव में धार्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रमों की श्रृंखला रखी गई, जिसमें कवि सम्मेलन के साथ विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मायापुर के मंदिर की तर्ज पर सजा मां दुर्गा का दरबार
नवरात्रि के अवसर पर शिवरीनारायण में मां दुर्गा के भव्य पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। नगर में इस्कॉन मायापुर मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया मां दुर्गा का आकर्षक दरबार लोगों के बीच विशेष चर्चा का विषय है। भव्य सजावट और धार्मिक वातावरण ने नवरात्रि की रौनक को और बढ़ा दिया है। दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर रहे हैं।
स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
शिवरीनारायण महोत्सव में नगर के विभिन्न अंग्रेजी माध्यम, हिंदी माध्यम और शासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के नृत्य, अभिनय और मनमोहक मंचीय कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह और दर्शकों की तालियां पूरे आयोजन में नई ऊर्जा भरती रहीं।
इन प्रस्तुतियों के बीच सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं का कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रस्तुति के दौरान पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और दर्शकों के उत्साह से गूंज उठा। दर्शकों की जोरदार प्रतिक्रिया ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। मंच संचालन कर रहे एंकर भी बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित नजर आए।
विद्यालय की प्रस्तुति में आकांक्षा साहू, दीपिका, कनक, डाली, वर्षा, कंचन, प्रभा, शालिनी, कामेश्वरी, हर्षिता, आस्था, अनुष्का, किरण, आरोही और सिमरन सहित अन्य छात्र-छात्राएं शामिल रहे। वहीं भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण से संबंधित पात्रों के माध्यम से भी मंच पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं को प्रस्तुत किया गया।
कवि सम्मेलन के बीच भी दर्शकों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की चर्चा
विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों के बाद कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। हालांकि, बच्चों के रंगारंग कार्यक्रमों ने दर्शकों पर ऐसी छाप छोड़ी कि उनकी प्रस्तुतियां लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहीं। विशेष रूप से सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों की प्रस्तुति को लेकर दर्शकों में उत्साह देखने को मिला।
इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि स्थानीय विद्यालयों में बच्चों की प्रतिभा को उचित मंच मिले तो वे बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में भी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ नगर की सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नई दिशा दे सकते हैं।
पहली बार शुरू हुआ महोत्सव, निरंतरता पर टिकी निगाहें
नगर पंचायत के तत्वावधान में इस वर्ष शुरू किए गए शिवरीनारायण महोत्सव को लेकर नगरवासियों में उत्साह देखने को मिला। धार्मिक नगरी की ऐतिहासिक पहचान, पर्यटन की संभावनाओं और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की दृष्टि से इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण माने जा सकते हैं।
हालांकि, यह महोत्सव आने वाले वर्षों में नियमित और पारंपरिक आयोजन का रूप लेगा या इस वर्ष तक ही सीमित रहेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि भविष्य में नगर पंचायत और प्रशासन इसे कितनी निरंतरता, व्यापकता और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ आगे बढ़ाते हैं।
यदि महोत्सव को प्रतिवर्ष आयोजित करने की परंपरा विकसित की जाती है, तो यह शिवरीनारायण की धार्मिक एवं पर्यटन पहचान को मजबूत करने के साथ स्थानीय कलाकारों, विद्यार्थियों और साहित्यकारों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मंच बन सकता है।