खुद से ढोढ़ी खुदाई कर दूषित पानी से बुझा रहे प्यास ग्रामीणों ने पे जल संकट को लेकर प्रसासन से लगाई गुहार
संवाददाता संजय यादव
पंड्रापाठ/बगीचा जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत महनई गांव में पेयजल की संकट से जूझ रहे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवा,खुद से ढोंड़ी खुदाई कर दूषित पानी पीने को मजबूर हैं,जैसे कि आप स्क्रीन पर देख सकते हैं कि कोरवाओं बस्ती ढोड़ी का पानी पेडों का पतियों गिर- गिर सड़ गल रहे हैं,आज वही जल से अपना प्यास बुझा रहे हैं।इनके जलसंकट दूर करने की बजाय ग्राम पंचायत ज़िमेदारों ने सुकृत हुई कुंए को ही 1 किलोमीटर दूर भेज दी जैसे लोगों का पीने का जरूरत नहीं बल्कि एक समशान की भांति ऐसे जगहों पर कुंआ निर्माण कार्य किया जा रहा है जैसे लोगों का वहां दूर दूर तक घर नजर नहीं आते हैं।
दरअसल मामला ग्राम पंचायत महनई गांव का गराज का वार्ड क्रमांक 6 का है जहां लगभग 20 से 25 घरों निवास करते हैं, जहां खुद से खुदाई कर दूषित जल से अपना प्यास बुझा रहे हैं।वहीं पहाड़ी कोरवाओं का कहे अनुसार सरपंच सचिव का मनमानी एवं दबंगई के कारण कोरवाओं बस्ती से लगभग एक डेढ़ लाख रुपए का कुआं सुकृत हुई थी,जिसे 1 किलोमीटर दूर अरविंद यादव नामक व्यक्ति के निजी भूमि पर कुंआ निर्माण कार्य किया जा रहा है,जो हमारे किसी काम नहीं जिस व्यक्ति का खुदाई हो रहा है उसका भी खेती करने के अलावा उसका मकान भी नहीं है, ऐसे जगहों पर निर्माण कार्य किया जा रहा है।जोकि एक ही परिवार के लोग मनमानी कुंआ निर्माण कार्य में काम कर रहे हैं,और डिमांड मंगा नरेगा हाज़री भी बनाई जा रही है।मामले को लेकर सचिव रामचरण यादव से चर्चा की गई तो उन्होंने इस बात का स्वीकार करते हुए कहा कि पहाड़ी कोरवाओं बस्ती में कुंआ बनना था लेकिन अरविंद यादव पिता पूरनचंद यादव का निजी भूमि पर निर्माण कराया जा रहा है। हलाकि निर्माण कार्य की जगहों पर कोई किसी घर तो नहीं है जंगलों के बीच में है।पर सुकृत स्थान से 100 मीटर दूरी पर कहीं भी निर्माण करा सकते हैं,सवाल तो यह है कि यहां 20 से 25 घरों का पेयजल संकट- संकट नहीं बल्कि एक ही समाज के व्यक्ति का निजी भूमि सुनसान स्थान पर आवश्यकता आन पड़ी,और कुंआ निर्माण कार्य करा दी गई।