हजारों भक्तों के दर्शन के लिये खुला माँ का दरबार

भूपेन्द्र यादव

श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ भक्तों ने किया मां दुर्गा का स्वागत
जांजगीर चांपा — शक्ति की
आराधना, भक्ति की साधना और मां जगदंबा के प्रति अटूट विश्वास का पर्व नवरात्रि नगर में धार्मिक उवास के साथ मनाया जा रहा है। इसी पावन अवसर पर नैला जांजगीर में मातरानी की स्थापना की गई हैं, नवरात्रि के दूसरे दिवस हजारों भक्तों को दर्शन देने के लिए मां का दरबार खुला वही समिति के सदस्यों का कहना है की माता रानी का विधि विधान से पूजा अर्चना पंचमी तिथि पर की जाएगी। मां दुर्गा के आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और भक्ति का वातावरण निर्मित हो गया। माता के जयकारों, पूजा की
पवित्रता और भक्तों की आस्था ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार माता का आह्वान कर श्रद्धालुओं ने सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। पूजा के दौरान मां जगदंबा के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए भक्तों ने परिवार, समाज और समूचे क्षेत्र के कल्याण की प्रार्थना की। मातरानी की स्थापना के साथ ही श्रद्धालुओं में दर्शन-पूजन को लेकर विशेष उत्साह दिखाई देने लगा। हिंदू धर्म में नवरात्रि को शक्ति की उपासना का विशेष पर्व माना गया है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि मां भगवती अपने भक्तों के कष्ट दूर कर उन्हें साहस, शक्ति और सद्बुद्धि प्रदान करती हैं। इसी आस्था के साथ नैला जांजगीर में मातरानी की स्थापना कर श्रद्धालुओं ने नवरात्रि की धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया।
पूजा अर्चना के दौरान मां दुर्गा के प्रति समर्पण और श्रद्धा का भाव प्रमुख रहा। माता के दरबार में पहुंचने वाले भक्तों ने दर्शन कर माथा टेका और अपनी मनोकामनाएं मां के चरणों में अर्पित की। नवरात्रि का यह अवसर लोगों को अपनी धार्मिक जड़ों से जुड़ने के साथ ही आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का संदेश भी देता है। नवरात्रि केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं,
बल्कि आस्था, अनुशासन, संयम और आत्मशुद्धि का भी अवसर है। इन दिनों श्रद्धालु व्रत-उपवास रखकर मां भगवती की आराधना करते हैं। सुबह और शाम होने वाली पूजा, आरती तथा भक्ति गीतों के माध्यम से भक्त मां के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना जीवन में साहस, करुणा, धैर्य और सदाचार जैसे गुणों को अपनाने की प्रेरणा देती है।
नैला जांजगीर में विधि-विधान से विरार्जी मातरानी के प्रति भक्तों की आस्था नवरात्रि के धार्मिक महत्व को और अधिक विशेष बनाती है। माता के दरबार में शीश झुकाकर श्रद्धालु अपने जीवन में सुख-शांति और परिवार की मंगलकामना करते हैं। मां के जयकारों के बीच भक्तिमय वातावरण लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने और सामूहिक रूप से पर्व मनाने की प्रेरणा देता है।