गुरू केवल ज्ञान के दाता नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, सेवा, साधना और आत्माबोध के दिव्य प्रकाश स्तंभ हैं स्वामी विशुद्धानन्द सरस्वती जी

दंतेवाड़ा पुरे भारत में गुरूपूर्णिमा के पावन पर्व को बड़े ही धुमधाम के साथ मनाया जाता हैं छत्तीसगढ़ के सभी आश्रमों मे गुरूकुलों में गुरूपूर्णिमा को बड़ी ही धुमधाम के साथ मनाया जा रहा है दंतेवाड़ा जिले के गुरूपूर्णिमा के पावन एवं दिव्य अवसर पर शिवानंद आश्रम ,गुमरगुंडा आश्रम परम ब्रह्रालीन पूज्य स्वामी सदा प्रेमानंद सरस्वती जी महराज की पावन पादुकाओं का श्रध्दाभाव ,भक्ति एवं पूर्ण समर्पण के साथ भरी बरसात में भक्तों के द्वारा हरीकिर्तन हरी भजन करते हुए नगर भ्रमण कर इस आध्यात्मिक आयोजन में बच्चे बुजुर्गों सभी लोगों ने हिस्सा लिया उसके बाद विधायक चैतराम अटामी एवं शिष्यों के द्वारा पुजन अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया

स्वामी विशुद्धानन्द सरस्वती जी ,स्वामी शिवदशानंदन महराज जी गुरू केवल ज्ञान के दाता नहीं बल्कि धर्म ,सत्य, सेवा, साधना, और आत्माबोध के मार्ग पर जीवन का पथ आलोकित करनेवाले दिव्य प्रकाश स्तंभ हैं, गुरू की कृपा से ही मनुष्य के जीवन में संस्कार, आध्यात्मिक चेतना और आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है इस गरिमामयी एवं आध्यात्मिक आयोजन में शिवानंद आश्रम एवं गुमरगुंडा के संतजन श्रध्दालु भक्तगण एवं धर्मप्रेमी जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहें