शराब मांगते ओएसडी साहब
एक मंत्री के अघोषित ओएसडी साहब को शराब का बड़ा शौक है। उनके पास कोई भी काम से आता है तो वे इशारों में डिमांड कर देते हैं। हद तो तब हो गई जब उन्होंने एक ट्रांसफर में खुलकर पैसे के साथ शराब की भी मांग कर दी। निर्माण कार्यों में एडवांस के बिना किसी को काम नहीं मिल पाता है। कई बार तो एडवांस देने के बाद भी लोगों को काम नहीं मिल रहा है। ऐसे में वे मंत्री तक अघोषित ओएसडी की शिकायत कर चुके हैं। लेकिन जाने मंत्री को भी क्या प्रेम है वे कोई कार्रवाई नहीं करते।
बहाली के लिए परेशान आईएएस
जेल से लौटने के बाद एक आईएएस अब अपनी बहाली के लिए परेशान है। सुनने में आया है कि किसी एक बड़े साहब से उनकी एकांत में मुलाकात भी हुई है। बताते हैं कि डेढ़ घंटे की बातचीत में में उन्हें दोबारा किसी छोटी जगह पर लाने की बात तय हुई है। ओईएएस महोदय ने तो यहां तक कह दिया है कि जो खर्चा-पानी आएगा वह भी कर देंगे, बस बहाली मिल जाए। नियमों की एक फेहरिस्त भी तैयार की गई है, जिससे उनकी बहाली का रास्ता तैयार हो सके।
कप्तान चले विधायक बनने
पिछली सरकार में जमकर पैसा कमाने वाले एक कप्तान साहब अब विधायकी की चाहत रख रहे हैं। चर्चा है कि उन्हें जिले की कप्तानी नहीं मिल रही थी। कई जगह मोटा झोला लेकर घुमने के बाद भी सफलता हाथ नहीं लग रही थी। अचानक उन्हें किसी बड़े आदमी का आशीर्वाद मिल गया। अब वे इसी आशीर्वाद के सहारे विधायकी का सपना देखने लगे हैं। संगठन में कुछ बड़े लोगों से मिलना जुलना शुरू हो गया है। जिले में तो यहां तक चर्चा है कि वे पुलिसिंग से अधिक राजनीति करने में लगे रहते हैं।
मंत्री बंगले का गजब आदेश
एक मंत्री बंगले में गजब का खेल चल रहा है। जेम पर टेंडर की तारीख गुजर जाने के बाद अफसरों पर दबाव बनाया जाता है कि तारीख बढ़ाई जाए। बताया जाता है कि बंगले पर दो पुरोधा है। इनकी भी आपस में नहीं बनती है। दोनों अपनी-अपनी सेटिंग में लगे रहते हैं। हर टेंडर पर इनकी चील जैसी निगाहें टिकी रहती है। विभाग भी इन दोनों उट पटांग कामों से परेशान हो चुका है। टेंडर के अंतिम दिन भी अगर इन्हें कोई ज्यादा चढ़ावा दे देता है तो ये टेंडर तारीख बढ़वाने में जुट जाते हैं। वहीं मंत्री को इसकी कोई खबर ही नहीं है।