पोलसाय पारा में नवीन मित्र मंडल की मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र

10 अक्टूबर को हुआ भव्य आगमन अब स्मृति बन चुका है; अनोखी बैलेंसिंग प्रतिमा के दर्शन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु
दुर्ग। दुर्ग शहर के पोलसाय पारा में नवीन मित्र मंडल दुर्गा उत्सव समिति द्वारा विराजित मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा इन दिनों श्रद्धालुओं और शहरवासियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस वर्ष समिति की ओर से 10 अक्टूबर को मां दुर्गा का भव्य आगमन कराया गया था। आगमन की आकर्षक प्रस्तुति और अनोखे अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा, वहीं अब प्रतिमा की कलात्मकता और विशेष बनावट चर्चा का विषय बनी हुई है।
मां दुर्गा के आगमन को यादगार बनाने के लिए समिति द्वारा भव्य व्यवस्था की गई थी। आगमन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी इस विशेष प्रस्तुति को देखने पहुंचे। शहर के विभिन्न यूट्यूबर्स, वीडियो एडिटर्स, सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और फोटोग्राफर्स ने भी आयोजन के खास पलों को अपने कैमरों में कैद किया। आगमन से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
इस वर्ष की प्रतिमा की सबसे खास बात इसकी अनोखी बनावट और बैलेंसिंग शैली है। प्रतिमा को इस तरह तैयार किया गया है कि इसकी संरचना, संतुलन और भव्य स्वरूप देखते ही बनता है। इसे दुर्ग की पहली बैलेंसिंग प्रतिमा भी कहा जा रहा है, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अलग से किया जाना शेष है। प्रतिमा का आकर्षक आभामंडल, सुंदर आभूषण, सुसज्जित स्वरूप और संतुलित संरचना श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।
हर साल कुछ नया प्रस्तुत करने की परंपरा
नवीन मित्र मंडल दुर्गा उत्सव समिति द्वारा वर्षों से दुर्गा उत्सव को विशेष और आकर्षक स्वरूप देने का प्रयास किया जाता रहा है। हर साल प्रतिमा, सजावट और प्रस्तुति में कुछ नया देखने को मिलता है, जिसके चलते श्रद्धालुओं में उत्सुकता बनी रहती है। इस बार भव्य आगमन के साथ अनोखी बैलेंसिंग शैली ने आयोजन को एक अलग पहचान दी है।
मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालु इसकी कलात्मकता, साज-सज्जा और भव्य स्वरूप की सराहना कर रहे हैं। प्रतिमा के आसपास की आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और उत्सव का वातावरण पोलसाय पारा की रौनक को और बढ़ा रहा है।
आस्था, कला और युवाओं की मेहनत का संगम
नवीन मित्र मंडल दुर्गा उत्सव समिति का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ कला, रचनात्मकता और सामूहिक प्रयास का भी उदाहरण है। प्रतिमा की परिकल्पना से लेकर निर्माण, सजावट और स्थापना तक समिति के सदस्यों की मेहनत और समर्पण स्पष्ट दिखाई देता है।
आयोजन को आकर्षक बनाने में युवाओं की सक्रिय भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। आगमन से लेकर प्रतिमा की स्थापना और दर्शन व्यवस्था तक हर स्तर पर समिति द्वारा विशेष ध्यान दिया गया है। यही कारण है कि पोलसाय पारा में विराजित मां दुर्गा की प्रतिमा श्रद्धालुओं के साथ-साथ कला और रचनात्मकता में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
10 अक्टूबर का भव्य आगमन अब संपन्न हो चुका है, लेकिन उसकी यादें और पोलसाय पारा में विराजित मां दुर्गा की अनोखी बैलेंसिंग प्रतिमा आज भी शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
आयोजक योगेश यादव.राजा साहू, अंकित सोनी,गोलू , विशाल साहू, वैभव साहू, पंकज यादव
: नवीन मित्र मंडल दुर्गा उत्सव समिति