*मल्दा में रामकीर्तन की अनूठी आराधना*

*(शरीर पर जवारे धारण कर शक्ति की साधना)*
जितेन्द्र तिवारी जिला संवाददाता
बिर्रा -क्वांर शारदीय नवरात्रि के अवसर पर गौरव ग्राम पंचायत मल्दा के ठकुराइन दाई मंदिर में भक्त रामकीर्तन कश्यप की अनूठी आराधना श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। माता रानी के प्रति अटूट आस्था और श्रद्धा के साथ उन्होंने माता ठकुराइन दाई की उपासना का विशेष संकल्प लिया है। उनकी इस साधना को देखने के लिए गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।गौरतलब है कि जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत गौरव ग्राम पंचायत मल्दा (बिर्रा) के ठकुराइन दाई माता मंदिर में क्वांर शारदीय नवरात्रि के अवसर पर भक्त राम कीर्तन कश्यप पिता रामनाथ ने नवरात्रि के नौ दिनों तक जमीन पर एक ही आसन पर लेटकर माता रानी की आराधना करेंगे। उन्होंने अपने पूरे शरीर पर जवारे धारण (बोया) किए हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान वे अन्न का त्याग कर केवल प्रतिदिन दुर्वा (दूबी) का रस और दो चम्मच जल ग्रहण कर रहे हैं। वे अपनी साधना के दौरान न तो बैठते हैं और न ही अपने स्थान से उठते हैं। माता रानी के भक्त एक ही अवस्था में सोकर अपने ऊपर ज्वारा बोआई करके जोत जलाते हुए सोया हुआ है। नवरात्रि के दौरान की जा रही उनकी यह विशेष साधना गांव के अलावा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। माता ठकुराइन दाई के प्रति भक्त राम कीर्तन कश्यप का श्रद्धा और समर्पण को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं। ग्राम मल्दा में नवरात्रि का माहौल भक्तिमय बना हुआ है। यह आराधना क्षेत्र में धार्मिक आस्था और भक्ति का एक विशेष उदाहरण बनकर सामने आई है। दूर-दूर से दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता रानी की महिमा का गुणगान करके शक्ति की भक्ति में डूबे भक्त राम कीर्तन को शक्ति प्रदान करने की कामना कर रहे हैं।इस संबंध में जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि भक्त रामकीर्तन कश्यप द्वारा शरीर पर जवारे धारण कर की जा रही यह कठिन साधना माता रानी के प्रति सच्ची आस्था और समर्पण का प्रतीक है। ऐसी भक्ति आज के समय में दुर्लभ है और इससे युवाओं को भी प्रेरणा मिलती है। ग्राम मल्दा सहित पूरे क्षेत्र में इस अनूठी आराधना की चर्चा हो रही है।