एसडीएम ने पंचायत भवन अस्पताल आगनबाड़ी की जमीन का करा दिया नामांतरण

रिपोर्टर : प्रभा यादव
बगीचा।। जशपुर जिले में जमीन को लेकर कुछ ऐसा खेल चल रहा है, कि ग्राम पंचायत की जमीन को ही पञ्चायत नही बचा पा रही! और खेल हो कुछ ऐसा रहा कि पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य केंद्र, दो बने सामुदायिक भवन, रंग मंच, यज्ञ शाला सभी को भू माफ़ियाओं के नाम कर दिया गया है।
और यह पूरा मामला जिले के बगीचा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सरधापाठ का है, जहां भू माफियाओं के साथ पटवारी की मिलीभगत ने तहसीलदार और एसडीएम को भी ऐसा फंसायाया, कि अब पूरा पंचायत ही आंदोलन की बात कह रहा है।
*क्या हुआ है ?*
इस मामले में हुआ कुछ ऐसा है कि पंचायत की भूमि लगभग 1.1 एकड़ के करीब एसडीएम ने अपने आदेश में नामांतरण करने हेतु आदेशित किया है, जिस आदेश में यह बताया गया है कि यदुनाथ यादव पिता घूरन को 1980-81 में पट्टा मिला है, जिसमे पटवारी ने संबंधित का कब्जा प्रतिवेदन में एसडीएम को उपलब्ध कराया, जिस पर राजस्व प्रकरण क्रमांक /2026007031300050/आ-6-आ/ 2025-26 में नाम दर्ज करने हेतु आदेशित किया।
*पञ्चायत ने बुलाई आनन फानन में बैठक..*
अब पंचायत प्रस्ताव लाकर इस पूरे आदेश को आधिकारियो की मिली भगत बता रही है, जिसमे यह बता रही है कि यह शासकीय पंचायत की भूमि है, जिसमे 100 साल से सम्बंधोत का किसी भी प्रकार का कब्जा नही है, तथा इस भूमि में पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, रंगमंच, स्वास्थ्य केंद्र, दो नग सामुदायिक भवन और यज्ञशाला है।
*सवाल..*
पंचायत इस पूरे पट्टे को ही झूठा और फर्जी बता रही है, जिसमे यह कहा जा रहा कि 1980/81 में अगर पट्टा जारी हुआ तो लगभग 50 साल बाद क्यों इसे प्रस्तुत कर आदेश कराया गया है। 50 साल तक कहां थे, पंचायत ने बताया 100 साल से यह शासकीय भूमि है, जिसमे किसी प्रकार का किसी का कोई कब्जा नही है।वहीं चर्चा में यह बात भी आ रही है कि इस तरह के इसी सन आसपास के कई फर्जी पट्टे इन पाठ क्षेत्रों में घूम रहा है, जो यह समझने के लिए काफी है कि कहीं तो इन पट्टों को लेकर खेल तो हो रहा, जो 50 साल बाद सामने आ रहे हैं, जिस पर अधिकारी भी बेधड़क आदेश कर रहे हैं,।