विरोध के दूसरे दिन भी कैसे चल रही डांगरा खदान…?

सटेली बंद होने के बाद उठे सवाल, विधायक की भूमिका पर भाजपा नेता नरोत्तम सिंह चौहान का निशाना ।*
*दुर्गूकोंदल-* भानुप्रतापपुर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रचार-प्रसार मंत्री नरोत्तम सिंह चौहान ने क्षेत्र में अवैध रेत खनन को लेकर चल रही राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सटेली खदान के बंद होने के बाद ही अचानक अवैध रेत खनन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाना कई तरह के संदेह पैदा करता है।चौहान ने आरोप लगाया कि भानुप्रतापपुर क्षेत्र में वर्षों से रेत का कारोबार संचालित होता रहा है और विभिन्न खदानों से रेत का उत्खनन एवं परिवहन लगातार जारी रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक सटेली खदान संचालित थी, तब तक इस विषय पर न तो व्यापक विरोध देखने को मिला और न ही इसे प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाया गया। लेकिन सटेली खदान के बंद होने के बाद अचानक भेलवापानी खदान को केंद्र में रखकर लगातार विरोध और कार्रवाई की मांग किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में अवैध खनन वास्तव में चिंता का विषय है, तो फिर केवल एक खदान को निशाना बनाने के बजाय सभी खदानों की समान रूप से जांच होनी चाहिए। चौहान ने यह भी सवाल उठाया कि विधानसभा में अवैध रेत खनन का मुद्दा उठाते समय कुछ चुनिंदा खदानों का ही उल्लेख क्यों किया गया, जबकि क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं।भाजपा नेता ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई और विरोध के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिलना आवश्यक है और किसी भी प्रकार की कार्रवाई राजनीतिक पक्षपात से ऊपर उठकर की जानी चाहिए।
